"तरविंदर सिंह मारवाह का दावा—ग्राहकों को शाकाहारी-मांसाहारी दुकानों में भ्रम होता है; विधानसभा में भी उठाएंगे मुद्दे"
We News 24 Hindi / कविता चौधरी
नई दिल्ली :- दिल्ली सरकार के समक्ष अब दुकानों पर नेम प्लेट और आधार कार्ड प्रदर्शित करने की अनिवार्यता को लेकर नई मांग उठाई गई है। जंगपुरा से बीजेपी विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक पत्र लिखकर यह सुझाव दिया है कि सभी दुकानों के बाहर उनके नाम और स्वामी का आधार कार्ड स्पष्ट रूप से लगाया जाए। इसका उद्देश्य ग्राहकों को भ्रम से बचाना और व्यापारिक पारदर्शिता बढ़ाना है।
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क्या है मामला?
मारवाह के अनुसार, कई शाकाहारी ग्राहकों ने शिकायत की कि वे दुकान के नाम से आकर्षित होकर अंदर जाते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह नॉन-वेज दुकान है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या विशेष रूप से त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है, जब लोग धार्मिक या व्यक्तिगत आस्था के अनुसार खान-पान चुनते हैं।
इसके अलावा, आधार कार्ड लगाने से दुकानदारों की पहचान स्पष्ट होगी, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।
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विधानसभा में उठेगा मुद्दा
मारवाह ने बताया कि यह मुद्दा अगले दो दिनों में विधानसभा में भी उठाया जाएगा। उनका कहना है कि यह कदम ग्राहक अधिकारों और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगा।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे मुद्दे
इससे पहले PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने दिल्ली में अवैध मीट दुकानों पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की थी।
सड़क स्तर से लेकर विधानसभा तक खाद्य पारदर्शिता को लेकर चर्चाएं हो चुकी हैं।
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अब क्या होगा?
मुख्यमंत्री कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो दिल्ली भर की दुकानों को नए नियमों का पालन करना होगा।
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