"2024 में 15,000 कनेक्शन काटने का दावा, लेकिन निवासियों का आरोप—'कटे कनेक्शन दोबारा जोड़ लिए गए'; जर्जर पाइपलाइनों से गंदे पानी की समस्या भी बरकरार" पहले सुबह 5:30 से 8:45 बजे तक पानी आता था, लेकिन अब 8 बजे से पहले ही बंद कर दिया जाता है।
We News 24 Hindi / दीपक कुमार
नई दिल्ली, 31 मार्च 2025: दक्षिणी दिल्ली के छत्तरपुर इलाके में पिछले 10 दिनों से चल रही पानी की किल्लत ने स्थानीय निवासियों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। इस संकट का मुख्य कारण अवैध पानी के कनेक्शन और बहुमंजिला फ्लैट्स में नियमों की अनदेखी को बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दिल्ली जल बोर्ड इस दिशा में सख्त कदम उठाए, तो काफी हद तक पानी की समस्या का समाधान हो सकता है।
अवैध कनेक्शन और मोटरों का अंधाधुंध इस्तेमाल
छत्तरपुर में पानी की कमी का सबसे बड़ा कारण अवैध पानी के कनेक्शन हैं। कई घरों में एक ही परिवार के पास दो से ज्यादा पानी के कनेक्शन हैं, जबकि कुछ बहुमंजिला फ्लैट्स में तो 10-10 अवैध कनेक्शन तक पाए गए हैं। इसके अलावा, लोग चार-चार मोटरों का इस्तेमाल करके पानी खींच रहे हैं, जिसके चलते पाइपलाइन में प्रेशर कम हो जाता है और पीछे के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता। स्थानीय निवासी संजय शर्मा ने बताया, "जिनके घर आगे है वे मोटर लगाकर सारा पानी खींच लेते हैं। पीछे के घरों में एक बूंद पानी नहीं पहुंचता।"
तस्वीर 22 जून 2024 छत्तरपुर कपूर रेस्टोरेंट के पास का अवैध बहुमंजिला फ्लेट
जल बोर्ड के नियमों की अनदेखी
दिल्ली जल बोर्ड के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपने घर से 10 फीट दाएं या बाएं तक ही पानी का कनेक्शन ले सकता है। लेकिन छत्तरपुर में लोग चोरी-छिपे 100-100 फीट की दूरी से अवैध कनेक्शन से अपने घरों तक पानी ला रहे हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पानी की बर्बादी और असमान वितरण का भी कारण बन रहा है। एक स्थानीय निवासी रेखा देवी ने कहा, " लोग इस तरह दुसरे लोगो का हक़ का पानी अपने घरों तक पानी चुरा रहे हैं। जल बोर्ड को इस पर सख्ती करनी चाहिए।"
22 जून 2024 को अवैध फ्लेट का पानी का कनेक्शन जलबोर्ड ने काटा
अवैध बहुमंजिला फ्लैट्स की भूमिका
छत्तरपुर में अवैध रूप से बने बहुमंजिला फ्लैट्स भी पानी की किल्लत का एक बड़ा कारण हैं। इन फ्लैट्स में कई परिवार रहते हैं, और हर परिवार के लिए अलग-अलग पानी के कनेक्शन लिए गए हैं, जो पूरी तरह से अवैध हैं। इन फ्लैट्स में पानी की खपत इतनी ज्यादा है कि आसपास के छोटे घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। इसके अलावा, इन फ्लैट्स में मोटरों का अत्यधिक इस्तेमाल भी पानी की सप्लाई को प्रभावित कर रहा है।
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दिल्ली जल बोर्ड से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड से मांग की है कि वह अवैध कनेक्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। लोगों का कहना है कि अगर जल बोर्ड अवैध कनेक्शनों को हटाए और एक से ज्यादा मोटरों के इस्तेमाल पर रोक लगाए, तो पानी की समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। एक निवासी, अजय यादव ने कहा, "जल बोर्ड को छापेमारी करनी चाहिए और अवैध कनेक्शन हटाने चाहिए। साथ ही, एक घर में एक ही कनेक्शन का नियम सख्ती से लागू करना चाहिए।"
जल बोर्ड की चुप्पी और जनता की नाराजगी
दिल्ली जल बोर्ड ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, पहले भी जल बोर्ड ने अवैध कनेक्शनों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई खास बदलाव नहीं दिखा। 2024 में दिल्ली जल बोर्ड ने दावा किया था कि उन्होंने 15,000 से ज्यादा अवैध कनेक्शन हटाए थे, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आंकड़ा हकीकत से कोसों दूर है। और कही न कही जल बोर्ड के जेई और अधिकारी भी इसके जिम्मेदार है.वहीं निवासियों का कहना है कि ये दावे धरातल पर नाकाफी साबित हुए हैं। कई इलाकों में कटे कनेक्शन फिर से जोड़ दिए गए, जबकि जर्जर पाइपलाइनों की वजह से गंदे पानी की समस्या भी बनी हुई है।
अवैध कनेक्शनों की वापसी :- छत्तरपुर में रोड के कपूर रेस्टोरेंट के पास बने 100 फ्लैट्स में से 10 अवैध कनेक्शन लोगो के शिकायत पर काटे गए थे, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ही दिनों बाद ये कनेक्शन दोबारा जोड़ दिए गए।
निवासियों ने जल बोर्ड के जेई (जूनियर इंजीनियर) और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जर्जर पाइपलाइनों की समस्या:-छोटी मस्जिद से रामलीला चौक तक जाने वाली गली में पाइपलाइन 1990 से पहले की बिछी हुई है, जो अब टूट-फूट चुकी है। इससे गंदा पानी आने की शिकायतें लगातार बनी हुई हैं।
2024 में निवासियों ने जल बोर्ड और स्थानीय विधायक करतार सिंह को लिखित शिकायत दी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। .
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क्या है मुख्य समस्याएं?
समय से पहले सप्लाई बंद: पहले सुबह 5:30 से 8:45 बजे तक पानी आता था, लेकिन अब 8 बजे से पहले ही बंद कर दिया जाता है।
गंदा और बदबूदार पानी: निवासियों का दावा है कि आने वाला पानी नहाने-धोने लायक भी नहीं है।
टैंकरों की अनियमितता: शिकायत दर्ज होने के बावजूद टैंकर समय पर नहीं पहुंचते, और कथित तौर पर पानी अन्य इलाकों में डायवर्ट किया जाता है।
क्या होगा समाधान?
पानी की किल्लत को दूर करने के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जल बोर्ड को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
अवैध कनेक्शनों की पहचान और कार्रवाई: जल बोर्ड को नियमित छापेमारी कर अवैध कनेक्शनों को हटाना चाहिए और दोषियों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए।
मोटरों पर प्रतिबंध: पानी खींचने के लिए एक मोटरों से ज्यादा के इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाई जानी चाहिए।
पानी की सप्लाई का प्रेशर बढ़ाना: पाइपलाइनों में पानी का प्रेशर बढ़ाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी घरों तक पानी पहुंचे।
जागरूकता अभियान: लोगों को पानी की बर्बादी रोकने और नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना चाहिए।
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आगे की राह
छत्तरपुर के निवासियों का कहना है कि अगर जल बोर्ड तुरंत कार्रवाई नहीं करता, तो गर्मी के मौसम में स्थिति और बदतर हो सकती है। दिल्ली की जनता पहले ही पानी की किल्लत से परेशान है, और अगर अवैध कनेक्शनों पर रोक नहीं लगी, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है। अब देखना यह है कि दिल्ली जल बोर्ड इस दिशा में क्या कदम उठाता है, या यह समस्या यूं ही बनी रहेगी।
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