छत्तीसगढ़: मुठभेड़ में 45 लाख की इनामी महिला नक्सली रेणुका ढेर, नक्सलियों की 'प्रभात' पत्रिका का करती थी संपादन
We News 24 Hindi / मनोज चन्द्रवंशी
दंतेवाड़ा: नक्सलियों की 'प्रभात' पत्रिका का संपादन करने वाली हार्डकोर महिला नक्सली रेणुका उर्फ भानु सोमवार को दंतेवाड़ा-बीजापुर के बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में मारी गई। दंतेवाड़ा डीआरजी और बस्तर फाईटर्स के जवानों ने 45 लाख रुपए की इनामी रेणुका को ढेर करने में सफलता पाई है। उस पर छत्तीसगढ़ में 25 लाख और तेलंगाना में 20 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह नक्सलियों की सेन्ट्रल रीजनल ब्यूरो में प्रेस टीम की इंचार्ज थी।दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी 'प्रभात' पत्रिका प्रकाशित करती थी जिसमें नक्सलियों की गतिविधियों का जिक्र होता है।
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दो घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग
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रेणुका का नक्सली सफर
रेणुका वर्ष 1996 में नक्सल संगठन में शामिल हुई। आंध्र प्रदेश में एसजेडसीएम कृष्ण अन्ना के साथ काम करती रही। वर्ष 2003 में डीवीसीएम पद पर पदोन्नत हुई। वर्ष 2006 में दक्षिण बस्तर मे रूदुला दादा उर्फ आनन्द के साथ काम किया। वर्ष 2013 में माड़ क्षेत्र में आकर रमन्ना के साथ काम किया। रमन्ना की कोरोना से मृत्यु हो जाने के बाद वर्ष 2020 में सेंट्रल रीजनल ब्यूरो में प्रेस टीम इंचार्ज बनाई गई।
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जंगल में भीषण मुठभेड़
नक्सल संगठन की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी करना और विभिन्न पत्रिका जैसे प्रभात, महिला मार्गम, आवामी जंग, पीपुल्स मार्च, पोडियारो पोल्लो, झंकार, संघर्षरत महिला, पितुरी, मिडंगुर, भूमकाल संदेश का मुद्रण और प्रकाशन का कार्य किया करती थी।
नारायणपुर में भी मुठभेड़ नारायणपुर जिले के डीआरजी, बस्तर फाईटर और एसटीएफ की संयुक्त पार्टी और नक्सलियों के बीच रविवार सुबह 7 से 9:30 बजे के बीच घमंडीपारा के जंगल में भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देखकर नक्सली हथियार एवं अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री छोडक़र भाग खड़े हुए। घटना स्थल पर 1 नग एसएलआर रायफल और अन्य नक्सली सामग्री भारी मात्रा में बरामद हुआ।
नक्सल विरोधी अभियान की सफलता
पिछले 92 दिनों में बस्तर संभाग में 119 नक्सली मारे गए, जिनमें रेणुका भी शामिल है ।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने 'समर्पण या मृत्यु' की रणनीति अपनाई है .
सरकार और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने कहा कि नक्सलियों के पास अब आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं ।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि 2026 तक नक्सलवाद का खात्मा किया जाएगा ।
निष्कर्ष
रेणुका की मौत नक्सल संगठन के प्रचार तंत्र को बड़ा झटका है। सुरक्षा बलों की बढ़ती कार्रवाई और आत्मसमर्पण जैसी नीतियों से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक मोड़ आया है।
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